विकास को प्रभावित करने वाले कारक

बालक के विकास को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित कारक है

1. वंशानुक्रम – बालक का रंग, रूप ,लंबाई, शारीरिक विकास ,बुद्धि ,तार्किक क्षमता एवं समाज स्वास्थ्य पर भी अनुवांशिकता का प्रभाव पड़ता है।

2. पौष्टिक आहार शिशु जब गर्भ में होता है तब से ही मां को पौष्टिक आहार लेना चाहिए और जन्म के बाद यदि बालक को पौष्टिक आहार मिलेगा तभी उसका शादी को मानसिक विकास समुचित ढंग से हो पाएगा।

3. बुद्धि – तीव्र बुद्धि बालकों में सामाजिक, संवेगात्मक, संज्ञानात्मक विकास अधिक देखा जाता है मंदबुद्धि या और सबसे कम बुद्धि वाले बालकों में विकास अपेक्षाकृत कम होते हैं।

4. अंतः स्रावी ग्रंथियों का प्रभाव – अन्तःस्त्रावी ग्रंथियों से निकलने वाले स्त्राव बालक के शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करते हैं।

5. लैंगिक भिन्नता – बालकों की अपेक्षा बालिकाओं का मानसिक विकास पहले पूर्ण होता है। परिपक्वता के लक्षण भी बालिकाओं में बालक की अपेक्षा जल्दी विकसित होने लगते हैं ।

6. वातावरण – बालक जिस भौतिक परिवेश में रहता है उस परिवेश में मौसम, तापमान, वहां की ऊंचाई, समाज, संस्कृति आदि का भी प्रभाव बालक के संवेगात्मक, सामाजिक, संज्ञानात्मक शारीरिक विकास पर पड़ता है ।

विकास की अवस्थाएं👇👩‍👧‍👧

👉 रॉस के अनुसार विकास के निम्नलिखित अवस्थाएं हैं

1. शैशवावस्था – 1 से 3 वर्ष

2. पूर्व बाल्यावस्था – 3 से 6 वर्ष

3. उत्तर – बाल्यावस्था – 6 से 12 वर्ष

4. किशोरावस्था – 12 से 18 वर्ष

👉 हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं निम्नलिखित हैं

1. गर्भावस्था – गर्भाधान से जन्म तक

2. शैशवावस्था – जन्म से 2 सप्ताह तक

3. बचपनावस्था – तीसरे सप्ताह से 2 वर्ष तक

4. पूर्व- बाल्यावस्था – तीसरे वर्ष से 6 वर्ष तक

5. उत्तर बाल्यावस्था – सातवें वर्ष से 12 वर्ष तक

6. वयः संधि – 12 वर्ष से 14 वर्ष तक

7. पूर्व किशोरावस्था – 13 वर्ष से 17 वर्ष तक

8. उत्तर किशोरावस्था – 18 वर्ष से 21 वर्ष तक

9. प्रौढ़ावस्था – 21 वर्ष से 40 वर्ष तक

10. मध्यावस्था – 41 वर्ष से 60 वर्ष तक

11. वृद्धावस्था – 60 वर्ष के बाद

👉कॉलसेनिक ने विकास का वर्गीकरण इन चरणों में किया है

1. गर्भाधान से जन्म तक – पूर्व जन्मकाल

2. शैशव – जन्म से 3 या 4 सप्ताह तक

3. आरंभिक शैशव – आधा माह से 15 माह तक

4. उत्तर शैशव – 15 माह से 30 माह तक

5. पूर्व बाल्यकाल – ढाई वर्ष से 5 वर्ष तक

6. मध्य बाल्यकाल – 5 वर्ष से 9 वर्ष तक

7. उत्तर बाल्यकाल – 9 वर्ष से 12 वर्ष तक

8. किशोरावस्था – 12 वर्ष 21 वर्ष तक